जनता नहीं, नेता जातिवादी होते हैं

❤️❤️केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बेबाकी से कहा

 जनता नहीं, नेता जातिवादी होते हैं

जो करे जाति की बातउसे कस के मारें लात

अमरावती, 23 मार्च (एजेंसियां)। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बेबाकी से कहा कि आम जनता जातिवादी नहीं होतीबल्कि नेता अपने स्वार्थ के लिए जातिवाद का विष बोते हैं। गडकरी ने कहा कि जातिगत भेदभाव खत्म होना चाहिए और इसकी प्रक्रिया खुद से शुरू करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पिछड़ापन राजनीतिक हित साधने का हथियार बनता जा रहा है। इस बात की होड़ लगी रहती है कि कौन ज्यादा पिछड़ा है।

नितिन गडकरी ने पहले भी कहा था, मैं जाति के आधार पर भेदभाव नहीं करता हूं। चाहे मुझे वोट मिले या न मिले। लोग जाति के आधार पर मुझसे मिलने आते हैं। मैंने उन सबसे 50,000 लोगों के बीच कह दिया कि जो करेगा जाति की बातउसके मैं कस के मारूंगा लात। मैं धर्म और जाति की बातें सार्वजनिक रूप से नहीं करता। चाहे चुनाव हार जाऊं या मंत्री पद चला जाएमैं अपने इस सिद्धांत पर अटल रहूंगा।

केंद्रीय मंत्री ने नागपुर में सेंट्रल इंडिया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के दीक्षांत समारोह में शिरकत की थी। उन्होंने कहा था कि किसी व्यक्ति का मूल्य जातिधर्मभाषा या लिंग के बजाय उसके गुणों से निर्धारित होना चाहिए। किसी व्यक्ति को उसकी जातिसंप्रदायधर्मभाषा या लिंग से नहींबल्कि उसके गुणों से जाना जाता है। इसलिए हम जातिसंप्रदायधर्मभाषा या लिंग के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं करेंगे। गडकरी ने याद किया था कि कैसे कई लोग अपनी जातिगत पहचान के आधार पर उनसे संपर्क करते थेलेकिन वह अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे। मैं राजनीति में हूं और यहां यह सब चलता रहता हैलेकिन मैं इससे इनकार करता हूंभले ही इससे मुझे वोट मिले या न मिले। मैं अपने हिसाब से चलता हूं।

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