नया वक्फ कानून बनने का रास्ता साफ
लोकसभा से पारित हुआ वक्फ संशोधन विधेयक-2025
विधेयक के पक्ष में पड़े 288 वोट, विरोध में 232
मैंने एक शमा जलाई है हवाओं के खिलाफ: रिजिजू
नई दिल्ली, 02 अप्रैल (एजेंसियां)। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आज लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया। विधेयक पर देर रात तक चली बहस के बाद मतदान के जरिए वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा से 232 मतों के मुकाबले 288 मतों से पास हो गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने वक्फ संशोधन विधेयक-2025 के लोकसभा से पारित होने की औपचारिक घोषणा की। बहस की शुरुआत विधेयक पेश करने वाले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने की। इसके बाद प्रमुख रूप से गृह मंत्री अमित शाह, जगदंबिका पाल, रविशंकर प्रसाद, अखिलेश यादव, केसी वेणुगोपाल, ए राजा समेत अन्य सांसदों ने हिस्सा लिया।
विधेयक पेश करते हुए रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधेयक के विशेष पहलुओं से संसद को परिचित कराया था और कहा था कि देश के सभी सांसदों और राजनीतिक दलों को वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन करना चाहिए, क्योंकि यह देशहित में लिया गया फैसला है, वोटहित में लिया जाने वाला फैसला नहीं हैं। किरेन रिजिजू ने कहा कि रेलवे और सेना के बाद सबसे अधिक जमीनें वक्फ बोर्ड की हैं। रेलवे की सम्पत्तियां देश की हैं। उस सम्पत्ति की सुविधाएं देश के लोगों को मिलती हैं। इसी तरह सेना की सम्पत्ति भी देश की है। जिस पर सेना का प्रशिक्षण, शोध, प्रयोग, अभ्यास, शिक्षण और रिहाइश होती। सेना की सम्पत्ति देश की सुरक्षा में इस्तेमाल होती है। उसके बाद सबसे अधिक सम्पत्ति वक्फ बोर्ड की है। वक्फ सम्पत्ति भी देश की है, लेकिन उसका इस्तेमाल देश के लिए क्या हो रहा है, इसका कोई प्रमाण नहीं है। जितनी सम्पत्ति वक्फ बोर्ड के पास थी, उससे देश के गरीब मुसलमान सम्पन्न हो गए होते, महिलाएं आत्मनिर्भर हो गई होतीं, बच्चे-बच्चियां सहूलियत से अपनी शिक्षा-दीक्षा कर रहे होते लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तो वक्फ बोर्ड का धन कहां इस्तेमाल होता रहा? रिजिजू ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक इन्हीं ज्वलंत सवालों का हल तलाशने का प्रयास है।
अल्पसंख्यक कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान संसद में कहा कि वक्फ का मामला सम्पत्ति का है, इन सम्पत्तियों का प्रबंधन मुतव्वली करते हैं। उन्होंने इस दौरान सदन में 3 मामलों का जिक्र किया, ताकि समझा सकें कि वक्फ का मजहब से कोई लेना-देना नहीं है। पहला, सैयद फजल पूकोया थंगल बनाम यूनियन ऑफ इंडिया। इसमें केरल हाईकोर्ट ने फ़ैसला दिया था कि वक्फ बोर्ड एक नियामक संस्था है, ये मुस्लिमों की प्रतिनिधि संस्था नहीं है। दूसरा, हाफिज जफर अहमद बनाम यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था कि वक्फ बोर्ड का काम सिर्फ़ सम्पत्तियों का प्रबंधन है, मुनव्वलियों के कामकाज की प्रकृति सेक्युलर है, मजहबी नहीं। तीसरा, तिलकायत श्री गोविंदलाल जी महाराज बनाम राजस्थान सरकार के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मंदिरों की सम्पत्तियों के प्रबंधन का अधिकार सेक्युलर मामला है, धार्मिक नहीं।
किरेन रिजिजू ने 2014 में हुए संशोधन की बात करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले 123 सम्पत्तियों को दिल्ली वक्फ बोर्ड को ट्रांसफर कर दिया। ये सरकारी सम्पत्ति थी। उन्होंने कहा कि लोग समझदार हैं, ऐसे काम करने से वोट नहीं मिलता है। उन्होंने बताया कि 1995 में जो प्रावधान नहीं थे, उन्हें 2013 में जोड़ा गया था। इसमें बताया गया है कि वक्फ बोर्ड को जमीन वही व्यक्ति दान कर सकता है, जिसने कम से कम 5 वर्ष इस्लाम की प्रैक्टिस की हो। वक्फ बोर्ड में सब शिया, सुन्नी, बोहरा और पिछड़े मुस्लिम भी रहेंगे, महिलाएं भी रहेंगी। इसमें मुस्लिम विशेषज्ञों को भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि सेंट्रल वक्फ काउंसिल में 4 गैर-मुस्लिम सदस्य रह सकते हैं और 2 महिलाएं होनी ही चाहिए। साथ ही किसी भी धर्म/मजहब के 3 सांसद इसमें रहेंगे। इसके अलावा 10 सदस्य मुस्लिम समिति से होंगे, इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के 2 पूर्व जज रहेंगे। एक वकील भी रहेगा। 4 प्रतिष्ठित लोग विभिन्न क्षेत्रों से रहेंगे। एक अधिकारी भी रहेंगे। 10 मुस्लिम सदस्यों में ही 2 महिलाएं रहेंगी।
किरेन रिजिजू ने बताया कि वक्फ बोर्ड में जो प्रावधान जरूरी नहीं थे, उन्हें देश के कानून के हिसाब से कर दिया गया है। किरेन रिजिजू ने इस आंकड़े की भी चर्चा की, जिसमें बताया गया है कि रेलवे और डिफेंस के बाद सबसे अधिक जमीनें वक्फ बोर्ड की है। उन्होंने बताया कि रेलवे की सम्पत्तियां देश की सम्पत्ति है, इसी तरह डिफेंस की सम्पत्ति भी देश की है। वहीं उन्होंने कहा कि वक्फ की प्रॉपर्टी प्राइवेट होती है, दुनिया में सबसे अधिक वक्फ सम्पत्ति भारत में है। उन्होंने सवाल उठाया कि इसके बावजूद देश के मुस्लिम गरीब क्यों है? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार दलित मुस्लिमों के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि चंद वोटों और सत्ता के लिए मुस्लिमों को गुमराह किया जा रहा है। किरेन रिजिजू ने कहा कि 2006 में 4.90 लाख वक्फ सम्पत्तियां थीं, जिसकी आय थी 163 करोड़ रुपए। 2013 में बदलाव के बाद भी मात्र 3 करोड़ रुपए ही आय बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सच्चर कमिटी ने भी कहा है कि अच्छे से प्रबंधन होता तो उसी वक्त वक्फ प्रॉपर्टी से 12,000 करोड़ रुपए का राजस्व आता। किरेन रिजिजू ने कहा कि सोचिए इससे कितने मुस्लिमों को फ़ायदा होता। आज कुल वक्फ सम्पत्तियां 8.72 लाख वक्फ सम्पत्तियां हो गई हैं।
लोकसभा में बुधवार 2 अप्रैल को वक्फ संशोधन बिल पेश करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि नया कानून बनने के बाद वक्फ बोर्ड एक कानून-सम्मत संस्था होगी, इसमें पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी सदस्य होंगी। सम्पत्ति का आधिकारिक लेखा-जोखा होगा। उसकी ऑडिट होगी। इस कानून का मजहब से कोई लेना-देना नहीं होगा। इस कानून के जरिए सरकार मस्जिदें छीन लेंगी, सम्पत्ति अधिग्रहीत कर लेगी वगैरह वगैरह महज अफवाहें हैं जिसे जानबूझ कर फैलाया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हम सब किसी न किसी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश से आते हैं, लेकिन सब भारतीय हैं। राज्य सरकारों को अधिकार दिए गए हैं कि जो सम्पत्ति पंजीकृत है, उसमें कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जो विवादित सम्पत्तियां हैं और अदालत में पेंडिंग हैं, उनमें सरकार कैसे हस्तक्षेप कर सकती है?
इसी तरह, रिजिजू ने याद दिलाया कि कैसे सीएए बिल के समय कुछ लोगों ने कहा था कि इसके लागू होने से मुस्लिमों की नागरिकता चली जाएगी, आज ये कानून लागू है लेकिन गलत साबित होने के बावजूद ऐसी बातें करने वालों ने माफी नहीं मांगी। उन्होंने कहा कि कोई भी मुस्लिम जब वक्फ क्रिएट करता है तो उस परिवार में महिला का अधिकार सुनिश्चित करने के बाद ही वो ऐसा करेगा। उसी प्रॉपर्टी पर वक्फ बनाया जा सकता है जिसमें शत-प्रतिशत हिस्सा हो, महिलाओं-बच्चों का अधिकार नहीं छीना जा सकता है।
किरेन रिजिजू ने कहा कि समाज में महिलाओं को दबाने का काम करने वाले यहां जोर-जोर से बोल रहे हैं। उन्होंने बताया कि जेपीसी का सुझाव मानते हुए कलक्टर के ऊपर के अधिकारियों को विवादित वक्फ सम्पत्ति के मामले में जाँच का अधिकार दिया गया है। उन्होंने बताया कि जनजातीय समाज के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किया गया है कि अनुसूचित जनजाति की सम्पत्तियों में वक्फ सम्पत्तियां क्रिएट नहीं की जा सकेंगी। वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ अब कोर्ट भी जाया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी भी जमीन को वक्फ सम्पत्ति घोषित करने वाले प्रावधान को हटा दिया गया है। जमीन हड़पने के लिए इस प्रावधान का गलत इस्तेमाल किया गया। किरेन रिजिजू ने कहा कि आज पूरे देश का ईसाई समुदाय और चर्चों के लोग आज कह रहे हैं कि वक्फ संशोधन बिल जल्दी पारित हो, क्योंकि इसके सेक्शन-40 का दुरुपयोग होता था। उन्होंने इस दौरान विपक्षी दलों को याद दिलाया कि इस बिल का विरोध करने पर उन्हें केरल के ईसाईयों का विरोध झेलना पड़ेगा। उन्होंने तमिलनाडु के तिरुचांदुराई स्थित 1500 वर्ष पुराने मंदिर को और यमुनानगर में स्थित एक गुरुद्वारे के अलावा केरल में 600 ईसाई परिवारों की जमीनों को वक्फ सम्पत्ति घोषित किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि उन्हें अब जमीन वापस मिल जाएगी। किरेन रिजिजू ने कहा कि अब भी मौका है, विपक्षी दल इस वक्फ बिल का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके जैसे एक साधारण व्यक्ति को इस पुण्यकार्य का मौका दिया है, करोड़ों गरीब उन्हें दुआ देने वाले हैं। उन्होंने अपील की कि सब इस दुआ में शामिल हों, ये दुआ उन्हें अकेले क्यों मिले। उन्होंने अंत में एक शेर के साथ अपनी बात खत्म की : मेरी हिम्मत को तो सराहो, मेरे हमराही बनो / मैंने एक शमा जलाई है हवाओं के खिलाफ...