ताजिया का साइज छोटा करें, हाइटेंशन लाइन से बचें

ताजिया का साइज छोटा करें, हाइटेंशन लाइन से बचें

लखनऊ, 02 अप्रैल (एजेंसियां)। योगी आदित्यनाथ ने मुसलमानों को सलाह दी है कि वे मुहर्रम में ताजिये की साइज छोटा रखें, वरना हाइटेंशन लाइन की चपेट में आने का खतरा रहता है। योगी ने कांवड़ यात्रियों को भी सलाह दी कि डीजे का साइज छोटा करो। ऐसा नहीं किया तो सरकार कार्रवाई करेगी। योगी ने कहा, कानून सबके लिए बराबर है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विकास से लेकर कानून व्यवस्था तक की बात की और कहा कि राज्य तेजी से आर्थिक प्रगति कर रहा है। 2030 तक यह देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। इसकी प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत के बराबर होगी। उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। पिछले कुछ दशकों में राज्य के विकास की उपेक्षा करने के लिए योगी ने पिछली सरकारों की आलोचना की।

योगी ने कहा, जब भारत स्वतंत्र हुआतो उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत के बराबर थी। 2016-17 में यह राष्ट्रीय औसत के एक तिहाई तक कम हो गई। हम इसे 2016-17 के स्तर से दोगुना करने में सफल रहे हैं। मेरे आकलन के अनुसारउत्तर प्रदेश देश की नंबर वन अर्थव्यवस्था होगी। सीएम ने कहा कि हमने एक समय सीमा तय की है और जिस तरह से हम विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैंहमें विश्वास है कि हम 2029-30 तक अपने लक्ष्य हासिल कर लेंगे।

आठ साल के कार्यकाल की उपलब्धियों से जुड़े सवाल के जवाब में सीएम ने कहा पिछले आठ वर्षों में हमने उन कार्यों को पूरा करने का प्रयास किया हैजो पिछली सरकारें 70 वर्षों में हासिल नहीं कर सकीं। 1947 से 2017 के बीच 70 वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था 12-12.5 लाख करोड़ रुपए के दायरे में थी और देश में सातवें या आठवें स्थान पर थी। उन्होंने कहापिछले आठ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था 27.5 लाख करोड़ रुपए को पार कर गई है और देश में दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनकर उभरी है।

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योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि भारतीय परंपरा धर्म को स्वार्थ से नहीं जोड़ती है। क्या वह खुद को एक धार्मिक व्यक्ति या एक राजनीतिक नेता के रूप में अधिक मानते हैंइस पर सीएम ने जोर देकर कहामैं एक नागरिक के रूप में काम करता हूं और खुद को विशेष नहीं मानता। एक नागरिक के रूप मेंमेरे संवैधानिक कर्तव्य पहले आते हैं। मेरे लिएराष्ट्र सर्वोपरि है। अगर देश सुरक्षित हैतो मेरा धर्म सुरक्षित है। जब धर्म सुरक्षित हैतो कल्याण का मार्ग अपने आप खुल जाता है।

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यह पूछे जाने पर कि वह कैसे चाहते हैं कि उन्हें या उनकी विरासत को याद किया जाएइस पर सीएम ने जबाव दिया कि दूसरों को उन्हें याद करने की कोई जरूरत नहीं हैक्योंकि वह हमेशा मौजूद हैं। उन्होंने कहानाम नहीं बल्कि काम को याद रखना चाहिए। किसी की पहचान उसके काम से होनी चाहिएनाम से नहीं। उन्होंने कहा मैं वर्तमान में जी रहा हूं। मुस्लिमों को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि उन्हें राज्य के विकास में उचित हिस्सा मिलेगालेकिन सिर्फ इसलिए विशेष रियायतों की उम्मीद न करें कि वह अल्पसंख्यक हैं। मुसलमानों के साथ भेदभाव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुसलमान राज्य की आबादी का 20 प्रतिशत हैंलेकिन सरकारी कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों में उनकी हिस्सेदारी 35-40 प्रतिशत है। हम न तो भेदभाव में विश्वास करते हैं और न ही तुष्टिकरण में।

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मेरठ में उनके प्रशासन द्वारा सड़कों पर नमाज अदा करने के खिलाफ चेतावनी पर विवाद के बारे में पूछे जाने परउन्होंने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। सड़कें चलने के लिए होती हैं और जो लोग (फैसले के खिलाफ) बोल रहे हैंउन्हें हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए। प्रयागराज में 66 करोड़ लोग पहुंचे। कोई डकैतीसम्पत्ति का विनाशआगजनीअपहरण नहीं हुआ। इसे धार्मिक अनुशासन कहा जाता है।

वक्फ (संशोधन) विधेयक का विरोध करने वालों की आलोचना करते हुए सीएम ने कहा कि वक्फ बोर्ड स्वार्थी हितों के साथ-साथ लूट खसोट (सम्पत्ति हड़पने) का अड्डा बन गए हैं और मुसलमानों के कल्याण के लिए बहुत कम काम किया है। हिंदू मंदिरों और मठों द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में दान के उदाहरणों का हवाला देते हुए उन्होंने पूछा कि क्या किसी वक्फ बोर्ड ने कई गुना अधिक सम्पत्ति होने के बावजूद इस तरह का कल्याणकारी काम किया है। उन्होंने पूछा कि पूरे समाज की बात तो छोड़िएक्या वक्फ सम्पत्तियों का इस्तेमाल मुसलमानों के कल्याण के लिए किया गया है।

एक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा बुलडोजर मॉडल को अब अन्य राज्यों में भी त्वरित न्याय के रूप में अपनाया जा रहा हैहालांकि इसकी वैधता पर अक्सर सवाल उठते रहते हैं। हम इस लोकप्रिय प्रथा को उपलब्धि नहीं बल्कि आवश्यकता मानते हैं। बुलडोजर का इस्तेमाल बुनियादी ढांचे के निर्माण और अतिक्रमण हटाने के लिए भी किया जा सकता है।

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