ब्रजेश पाठक का विद्या बालन से हुआ गंधर्व विवाह
लखनऊ में हुआ बहुचर्चित घोंघा बसंत हास्य आयोजन
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने दिया 11 रुपए का नेग
लखनऊ, 02 अप्रैल (एजेंसियां)। लखनऊ के चर्चित घोंघा बसंत आयोजन में ब्रजेश पाठक का गंधर्व विवाह डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के साथ कराया गया। इस मौके पर कई लोगों को मूर्खरत्न का सम्मान मिला। इस वर्ष भी रंगभारती संस्था की ओर से एक अप्रैल को मूर्ख दिवस के रूप में हास्य उत्सव घोंघा बसंत का आयोजन चारबाग स्थित रवींद्रालय में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि बनाए गए गधे से कराया गया। कवियों ने रचनाओं से खूब ठहाके लगवाए। डॉ. सुरेश अवस्थी को बेढब बनारसी रंगभारती सम्मान और डॉ. ताराचंद तनहा को सूंड़ फैजाबादी रंगभारती सम्मान दिया गया।
वरिष्ठ शास्त्रीय गायिका पद्मा गिडवानी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में पत्नी नम्रता पाठक के साथ मौजूद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि रंगभारती के अध्यक्ष श्याम कुमार 64 वर्षों से इस आयोजन को कराते चले आ रहे हैं, यह उनकी जिजीविषा को दर्शाता है।
मंच पर पांच विभूतियों का गंधर्व विवाह भी कराया गया। इनमें डॉ. सुरेश अवस्थी का करीना कपूर के साथ, डॉ. अम्मार रिजवी का महबूबा मुफ्ती, आईएएस अभिषेक प्रकाश का ईडी, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का विद्या बालन और श्याम कुमार का माधुरी दीक्षित के साथ गंधर्व विवाह कराया गया। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की ओर से हर जोड़े की वधू को सदा सुहागन रहो के आशीर्वाद के साथ 11-11 रुपये का नेग दिया गया।
रंगभारती के अध्यक्ष श्याम कुमार इस बार किन्नर अखाड़े की नामांकित महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी की वेशभूषा में कमांडो के साथ मंच पर जब आए तो पूरा सभागार ठहाकों और तालियों से गूंज उठा। हास्य कलाकार राजेंद्र विश्वकर्मा हरिहर ने उनका स्वागत जूतों से बनी माला से किया।
महाकुंभ के दौरान अपनी टिप्पणियों से चर्चा में रहने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य, रामगोपाल यादव, जया बच्चन, लालू यादव, स्टालिन, मल्लिकार्जुन खड़गे, न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को मूर्खरत्न का राष्ट्रीय सम्मान दिया गया। ढेंचू सम्मान से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को नवाजा गया। कुंभकर्ण सम्मान नगर निगम के अतिक्रमण उन्मूलन प्रभाग, एलडीए, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, वन विभाग, मुख्यमंत्री पोर्टल को नवाजा गया।
कवि सम्मेलन में डॉ. सुरेश अवस्थी (कानपुर) ने सुनाया- इनको पूरी छूट है, उनको पूरी छूट। हम हैं लुटने के लिए, जो चाहे ले लूट। अयोध्या के डॉ. ताराचंद तनहा ने पढ़ा- गोरी तेरे होंठ यूं, ज्यों फागुन के छंद। जाने किसके नाम है, निविदा मोहरबंद। विनोद सिंह कलहंस (बलरामपुर) ने सुनाया- हुई कुटाई, हुई धुनाई, तब मुझको ये इल्म हुआ, इश्क में इतने डंडे खाना सबके बस की बात नहीं। संदीप अनुरागी (बाराबंकी) ने सुनाया- पत्नी ने जब प्यार से कहा- खाना खाइए। टिंडे वाली सब्जी भी खीर लगने लगी।
अरविंद झा, श्याम कुमार, जमुना प्रसाद पांडेय अबोध, अमित अनपढ़, निर्भय निश्छल, कमलेश मौर्य मृदु (सीतापुर), समीर शुक्ल (फतेहपुर), राज बनारसी (वाराणसी), शेखर त्रिपाठी ने भी खूब हंसाया। कवियों को हास्य से भरे सम्मान दिए गए। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल की ओर से पत्तलों की जयमाल। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी की ओर से गोबर के कंडे से बने जयमाल। लखनऊ के डीएम विशाख जी की ओर से स्वास्थ्य लाभ हेतु टमाटर। लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल की ओर से राजमुकुट। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की ओर से लॉलीपॉप भेंट किया गया।