आईएएस अभिषेक प्रकाश के खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू
लखनऊ, 02 अप्रैल (एजेंसियां)। 2006 बैच के आईएएस अभिषेक प्रकाश के तकरीबन पूरे कार्यकाल की विजिलेंस द्वारा जांच की जाएगी। इससे संबंधित आदेश सीएम योगी ने जारी किया था। इन्वेस्ट यूपी में निवेशक से वसूली के आरोप में मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद से निलंबित किए गए आईएएस अभिषेक प्रकाश के खिलाफ विजिलेंस ने भी गोपनीय जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वसूली के आरोप के बाद अभिषेक प्रकाश की सभी चल-अचल सम्पत्तियों की जांच का आदेश दिया था, जिसके बाद नियुक्ति विभाग ने गृह विभाग को पत्र लिखा था। गृह विभाग ने परीक्षण के बाद विजिलेंस को जांच शुरू करने का निर्देश दिया है।
वर्ष 2006 बैच के आईएएस अभिषेक प्रकाश के तकरीबन पूरे कार्यकाल की विजिलेंस द्वारा जांच की जाएगी। इन्वेस्ट यूपी में तैनाती से पूर्व वह लखीमपुर खीरी, बरेली, हमीरपुर, लखनऊ, अली
अब विजिलेंस उनकी और उनके करीबी परिजनों के नाम पर खरीदी गई सभी चल-अचल सम्पत्तियों का ब्योरा जुटाएगा। साथ ही, यह पड़ताल भी करेगा कि पूरे कार्यकाल के दौरान कुल वैध आय कितनी रही और उन्होंने चल-अचल सम्पत्तियों को खरीदने और भरण-पोषण पर कितना व्यय किया। विजिलेंस गोपनीय जांच पूरी करने के बाद अभिषेक प्रकाश का स्पष्टीकरण लेगा और अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगा। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर विजिलेंस शासन के निर्देश पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना करेगा।
इन्वेस्ट यूपी मामले में अभिषेक प्रकाश के करीबी बिचौलिए निशांत जैन की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने भी इस प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर आयकर विभाग डिफेंस कॉरिडोर भूमि घोटाले की जांच करने जा रहा है। इस घोटाले के दौरान अभिषेक लखनऊ के डीएम थे। राजस्व विभाग की जांच रिपोर्ट में उन्हें भी दोषी बताया गया है। इसके अलावा उनके खिलाफ नियुक्ति विभाग विभागीय जांच भी कर रहा है। नियुक्ति विभाग ने उन्हें आरोप पत्र भी थमाया है।