राज्य में सरकारी स्कूलों की स्थिति बहुत खराब: भोजेगौड़ा
बेंगलूरु/शुभ लाभ ब्यूरो| जेडीएस नेता एस.एल.भोजेगौड़ा ने विधान परिषद में सरकार से मलनाड क्षेत्र में बबूल और नीलगिरी के पेड़ों को हटाने का आग्रह किया| २०२५-२६ के बजट अनुमानों पर चर्चा में भाग लेते हुए उन्होंने कहा कि मलनाड क्षेत्र में बबूल और नीलगिरी के पेड़ फल-फूल रहे हैं| यदि इसे हटा दिया जाए तो बेहतर वातावरण बनेगा|
उन्होंने सुझाव दिया कि जिस क्षेत्र में ये पेड़ लगाए गए हैं, वहां फलदार पेड़ भी उगाए जाएं| कोडागु, हासन और चिकमगलूरु में जंगली जानवरों के हमलों के कारण कई लोगों की जान चली गई है| उन्होंने कहा कि मानव-पशु संघर्ष को रोकने के लिए उचित उपाय किए जाने चाहिए| उन्होंने कहा कि हल्लीकर, अमृतमहल और मालेनाडु छोटी नस्ल की गायों को संरक्षित किया जाना चाहिए|
उन्होंने कहा कि राज्य में सरकारी स्कूलों की स्थिति बहुत खराब है| यहां अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा नहीं है| उन्होंने कहा कि शिक्षकों की ६० प्रतिशत कमी सरकारी स्कूलों में है| अतिथि शिक्षकों को पांच-छह माह से कोई मानदेय नहीं दिया गया है| उन्होंने मांग की कि उन्हें समय पर मानदेय दिया जाए| यद्यपि ४.९ लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत कर दिया गया है, लेकिन शैक्षिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध नहीं कराई गई है|
सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है| ५५ प्रतिशत बच्चे निजी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं| कन्नड़ माध्यम के ८० प्रतिशत स्कूल बंद होने की स्थिति में पहुंच गए हैं| एक हजार स्नातक महाविद्यालयों में शारीरिक शिक्षा के कोई शिक्षक नहीं हैं| उन्होंने कहा कि आईटीआई कॉलेजों की स्थिति भी अच्छी नहीं है|