सौंदर्य प्रतियोगिता पर हो रही बदसूरत सियासत

तेलंगाना में मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के आयोजन पर विवाद

सौंदर्य प्रतियोगिता पर हो रही बदसूरत सियासत

फॉर्मूला-ई रेस पैसों की बर्बादी था तो अधिक खर्चीला ब्यूटी कॉन्टेस्ट क्यों

भारत की तरफ से मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भाग लेंगी निकिता पोरवाल

हैदराबाद, 20 मार्च (एजेंसियां)। दुनिया की सबसे चर्चित ब्यूटी और मॉडलिंग प्रतियोगिता मिस-वर्ल्ड का आयोजन इस बार भारत में होना है। इसके आयोजन का अवसर तेलंगाना को दिया गया है, लेकिन इससे पहले ही राज्य में सियासी घमासान छिड़ गया है। प्रतियोगिता के आयोजन में एक महीने से ज्यादा का समय है, लेकिन सियासी खींचतान से मिस-वर्ल्ड प्रतियोगिता के आयोजन में बाधा पड़ने की आशंका से भी इन्कार नहीं किया जा सकता।

तेलंगाना की प्रमुख पार्टी भारतीय राष्ट्र समिति (बीआरएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मिस वर्ल्ड का आयोजन तेलंगाना में कराए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। जबकि सत्ताधारी कांग्रेस का कहना है कि इस आयोजन से तेलंगाना वैश्विक नक्शे पर अपनी जगह बनाने में कामयाब रहेगा। विपक्ष का कहना है कि राज्य पहले ही आर्थिक समस्याओं से जूझ रहा है। सरकार को पहले ही सरकारी कर्मियों की तनख्वाह देने और अहम खर्चे उठाने में मुश्किलें आ रही हैंलेकिन कांग्रेस मिस वर्ल्ड के भव्य आयोजन के लिए भारी-भरकम रकम खर्च करने के लिए तैयार है।   

download (9)तेलंगाना सरकार मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता को राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने का अहम जरिया बता रही है। मंगलवार को ही मौजूदा मिस वर्ल्ड क्रिस्टीना पिस्जकोवा ने तेलंगाना टूरिज्म का प्रचार करते हुए यादगिरी गुट्टा श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर के बाहर अलग-अलग जगहों पर गुलाबी साड़ी में फोटो खिंचवाईं। इस पोस्ट में क्रिस्टीना ने लिखायदागिरी गुट्टा मंदिर में आने से मुझे खुशी और शांति मिली। और यह सिर्फ शुरुआत है। मैं तेलंगाना और इसके छिपे हुए खजाने को देखने का इंतजार नहीं कर सकती। उल्लेखनीय है कि इस बार भारत की तरफ से मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में निकिता पोरवाल हिस्सा ले रही हैंजो 2024 के फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड कॉन्टेस्ट में जीती थीं।

तेलंगाना में मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के आयोजन पर बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (केटीआर) ने सबसे पहले मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की आलोचना की। उन्होंने तेलंगाना सरकार पर एक ब्यूटी पेजेंट के लिए 200 करोड़ रुपए आवंटित करने के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पेंशन के भुगतानसरकारी कर्मियों की तनख्वाहकल्याणकारी योजनाओं के लिए वित्तीय प्रबंधन में लगातार देरी हो रही है और जनता के पैसे को ब्यूटी कॉन्टेस्ट में लगाया जा रहा है। केटीआर ने कहा, कांग्रेस सरकार हमें यह मनवाना चाहती है कि तेलंगाना में सब कुछ ठीक है। जबकि ऐसा नहीं है।  

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download (11)केटीआर ने तेलंगाना सरकार पर पाखंड करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता की तुलना अपनी सरकार के दौरान कराई गई फॉर्मूला-ई रेस से की, जिसका वैश्विक मोटर स्पोर्ट इवेंट के तौर पर प्रचारित किया गया था। कांग्रेस ने बाद में इस रेस के आयोजन में ज्यादा वित्तीय खर्च का हवाला देते हुए इसे रद्द कर दिया था। केटीआर ने कहाअगर फॉर्मूला-ई रेस को पैसों की बर्बादी कहा गयातो अब एक ब्यूटी कॉन्टेस्ट पर उसके मुकाबले चार गुना खर्च कैसे न्यायसंगत हो गयाहैदराबाद में ई-रेस के लिए 46 करोड़ रुपए खर्च करना गलत था और इसके चलते मुझ पर केस दर्ज किए जा रहे हैं। लेकिन मिस वर्ल्ड के लिए 200 करोड़ खर्च करना ठीक है। यह कैसा भ्रष्ट तर्क है गौरतलब है कि फॉर्मूला-ई रेस को लेकर केटीआर पर कांग्रेस सरकार ने जांच बिठा रखी है। उनके खिलाफ आर्थिक अनियमितता के आरोप में भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) की जांच चल रही है। केटी रामा राव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चुनौती देते हुए इस पर जवाब मांगा।

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बीआरएस लगातार राज्य की कांग्रेस सरकार को वित्तीय योजनाओं के मसले पर घेर रही है। विपक्ष का आरोप है कि कांग्रेस ने 2023 के चुनावी अभियान के दौरान वादे किए थेवह उन्हें पूरा नहीं कर पा रही है। फिर चाहे वह किसानों की कर्ज माफी का वादा हो या लोक कल्याण से जुड़ी योजनाएं। बीआरएस का कहना है कि कांग्रेस सरकार उन कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रही हैजिससे लोगों को सीधे तौर पर कोई फायदा नहीं होता। इसी मंगलवार को जब तेलंगाना विधानसभा में बजट पेश किया गयातब बीआरएस के सांसदों ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान कुछ सांसद सूखी हुई फसलें लेकर सदन में पहुंचे थे और उन्होंने इसे कांग्रेस-निर्मित सूखा करार दिया था। बीआरएस ने मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के आयोजन का भी विरोध किया था और परेशान किसानों को 25 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देने की मांग उठाई थी।

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बीआरएस के इन आरोपों पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पलटवार किया। उन्होंने मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता आयोजित करने का बचाव करते हुए राज्य के पूर्व सीएम और बीआरएस नेता के चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर तेलंगाना को दिवालिया करने का आरोप लगाया। रेड्डी ने कहा कि बीआरएस की पूर्व सरकार की वजह से कांग्रेस सरकार को हर महीने कर्ज पर सिर्फ ब्याज के तौर पर 1.53 लाख करोड़ रुपए चुकाने होते हैं। सीएम ने कहा कि अगर इतनी बड़ी रकम बचा ली जाती तो सरकार सबके लिए घर बना सकती थी। किसानों के साथ 70 लाख और लोगों के कर्ज माफ किए जा सकते थे।

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