अवैध मस्जिद और नमाज हॉल ध्वस्त करने का आदेश

अवैध मस्जिद और नमाज हॉल ध्वस्त करने का आदेश

मुंबई, 19 मार्च (एजेंसियां)। महाराष्ट्र की बॉम्बे हाईकोर्ट ने निर्देश के बाद भी एक अवैध मस्जिद को नहीं गिराने पर ठाणे नगर निगम को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि यह जरूरी है कि वे नागरिकों के मन में यह बात बैठा दें कि कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दरअसलइस मस्जिद को बनाने के लिए नगरपालिका से अनुमति नहीं ली गई थी। कोर्ट ने 27 जनवरी को इसे गिराने का आदेश दियालेकिन इसकी पूरी तरह तामील नहीं की गई।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एएस गडकरी और न्यायमूर्ति कमल खता की पीठ ने की। पीठ ने मस्जिद को गिराने में देरी के लिए निगम के बहाने को खारिज कर दिया और कहा कि कानून को सख्ती से लागू करने की जरूरत है। कोर्ट ने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश में किसी भी व्यक्ति या संगठन को यह कहने की भी अनुमति नहीं दी जा सकती कि वह देश के कानून का पालन नहीं करेगा और इसका विरोध करेगा।

अदालत ने साफ शब्दों में कहाऐसी परिस्थितियों में कानून लागू करने वालों का कर्तव्य है कि वे ऐसे व्यक्ति/संगठन को देश के कानून का पालन करने के लिए बाध्य करें। कानून लागू करने वालों के लिए यह भी आवश्यक है कि वे नागरिकों के मन में यह बात बैठा दें कि सरकार द्वारा कानून का उल्लंघन या कानून को लागू करने का विरोध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दरअसलकासरवडावली के बोरिवडे गांव में न्यू श्री स्वामी समर्थ बोरिवडे हाउसिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड की 18,000 वर्ग मीटर से अधिक की जमीन है। उस जमीन पर अवैध रूप से एक मस्जिद बना दी गई। इसके बाद कंपनी ने ठाणे नगर निगम से इस अवैध ढांचे को ध्वस्त करने के लिए कहा। हालांकिनगर निगम ने इसमें कार्रवाई नहीं तो कंपनी हाईकोर्ट पहुंच गई।

कंपनी ने कोर्ट से नगर निगम को ढांचा हटाने के लिए निर्देश देने की मांग की। याचिका के अनुसारगाजी सलाउद्दीन रहमतुल्ला हूले उर्फ परदेशी बाबा ट्रस्ट ने साल 2013 से उसकी 18,122 वर्ग मीटर भूमि पर अतिक्रमण कर लिया है। इस पर अवैध ढांचे का निर्माण कर दिया गया हैजिसमें एक मस्जिद और नमाज पढ़ने के लिए एक बड़ा हॉल शामिल है। ठाणे नगर निगम ने कोर्ट को बताया कि 1 जनवरी 2025 को साइट का निरीक्षण किया गया था। वहां 3,600 वर्ग फुट पर एक मंजिल का ढांचा बना है। उसमें नमाज के लिए एक हॉल भी है। नगर निगम ने कोर्ट को बताया कि 19 फरवरी को निगम के 10 अधिकारी 65 श्रमिकों तथा कुछ पुलिसकर्मियों के साथ ढांचा गिराने पहुंचेलेकिन वहां जमा हुई भारी भीड़ के विरोध के कारण यह काम पूरा नहीं हो सका।

Read More नया वक्फ कानून बनने का रास्ता साफ

हालांकिकोर्ट ने इसे बहाना बताते हुए नगर निगम के दावे को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जब इतनी बड़ी संरचना का निर्माण किया जा रहा था तो इसे नगर निगम के अधिकारियों ने रोकने के लिए क्या कियाइसको लेकर याचिकाकर्ताओं ने बार-बार पत्राचार किया था। कोर्ट ने कहा कि नगर निगम कानून को सख्ती से लागू करने में असमर्थ रहा है। कोर्ट ने कहा कि इसकी तस्वीरें देखने से पता चलता है कि ढांचे का अधिकांश भाग गिरा दिया गया है। वहींरमजान के महीने के खत्म होते ही तुरंत गिराने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि ढांचे गिराने के बाद इसे दोबारा बनाने की कोशिश होनी चाहिए। न्यायालय ने कहा है कि उसके आदेश के पूरी तरह लागू करने के लिए नगर निगम के अधिकारी जवाबदेह हैं।

Read More सभी पीड़ित अपनी पार्टीगत भावना को भूलकर विरोध में भाग लें: येदियुरप्पा

Tags: