बिल्डर-बैंक मिलीभगत की सुप्रीम कोर्ट कराएगी जांच

बिल्डर-बैंक मिलीभगत की सुप्रीम कोर्ट कराएगी जांच

नई दिल्ली, 19 मार्च (एजेंसियां)। सुप्रीम कोर्ट ने घर खरीदारों और निवेशकों की मेहनत की गाढ़ी कमाई ठगने वाले बिल्डरों और बैंकों के गठजोड़ की जांच करने के लिए सीबीआई से योजना मांगी है। दिल्ली-एनसीआर के बिल्डरों और बैंकों के बीच गठजोड़ के कारण मझधार में फंसे हजारों फ्लैट खरीदारों के दर्द पर सुप्रीम कोर्ट ने मरहम लगाया है। सुप्रीम कोर्ट ने घर खरीदारों और निवेशकों की मेहनत की गाढ़ी कमाई ठगने वाले बिल्डरों व बैंकों के गठजोड़ की जांच करने के लिए सीबीआई से रोडमैप तलब किया है।

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहाहम मामले की जड़ तक जाएंगे। दोषी धरती पर कहीं भी छिपे होंउन्हें ढूंढ़ निकाला जाएगा। साथ हीअदालत की सहायता के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव जैन को न्यायमित्र भी नियुक्त किया। पीठ ने जैन से संक्षिप्त नोट दाखिल करने का आग्रह किया कि मामले को आगे कैसे बढ़ाया जाए। जस्टिस सूर्यकांत ने कहाहम किसी भी संस्थान को बुरा या अच्छा नहीं कह रहे हैं। हम निश्चित रूप से सीबीआई जांच कराएंगेयह स्पष्ट है। हजारों लोग रो रहे हैं। हम आंसू नहीं पोछ सकतेपर उनके मुद्दों को संबोधित कर सकते हैं। समयबद्ध तरीके से कुछ बहुत प्रभावी किया जाना चाहिए। पीठ ने कहालाखों लोग घर के लिए कराह रहे हैं। बड़ा तबका इससे पीड़ित है। हम इसकी जड़ तक जाएंगे। हमारी शून्य सहनशीलता है। ऐसे मामलों की जांच सीबीआई को देंगे। पीठ ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ऐश्वर्या भाटी से कहा कि वह आला अधिकारियों के साथ चर्चा करें और बताएं कि उन मुद्दों पर जांच कैसे आगे बढ़ा सकते हैंजिनका जिक्र कोर्ट के 4 मार्च के आदेश और उससे पहले किया गया है।

पीठ एनसीआर में घर खरीदने वालों की शिकायतों पर विचार कर रही थी। खरीदारों ने दावा किया है कि बिल्डरों या डेवलपर की ओर से देरी के कारण उन्हें फ्लैट का कब्जा मिले बिना ही ईएमआई का भुगतान करने के लिए बैंक मजबूर कर रहे हैं। शीर्ष अदालत अपने पहले के आदेश में बैंकों को ईएमआई वसूलने से रोक चुकी है। एजेंसी की ओर से पेश एएसजी ने रोडमैप तय समय में पेश करने का आश्वासन दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बिल्डर और बैंकों के गठजोड़ की इस जांच को पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर संचालित किया जा सकता है।

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