आतंकियों से फिर शुरू हुई मुठभेड़, एक मारा गया
जम्मू, 01 अप्रैल (ब्यूरो)। हीरानगर के सन्याल गांव में रात भर सैनिकों पर गोलियां दाग कर भागे और फिर सन्याल से 30 किमी दूर जुथाना में चार सैनिकों को मारने वाले तीन आतंकियों से फिर से मुठभेड़ शुरू हुई। सुरक्षाबलों ने कुछ ही देर में एक आतंकी को मार गिराया।
कठुआ जिले में बीती रात सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच गोलीबारी हुई सुरक्षा बलों ने आतंकियों को घेर लिया बाद में सुरक्षा बलों ने इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। कठुआ में पिछले एक हफ्ते से अधिक समय से आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन जारी है। जम्मू कश्मीर पुलिस के अनुसार कठुआ के बिलावर इलाके में बीती देर रात सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच गोलीबारी हुई। इसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में व्यापक तलाशी और घेराबंदी अभियान शुरू किया। कठुआ में सोमवार को सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी।
जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज के डीआईजी शिव कुमार शर्मा के मुताबिक इलाके में आतंकियों को खत्म करने के लिए अभियान अभी भी जारी है। इस बीच पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस आतंकवादियों के सफाए तक अपना अभियान जारी रखेगी। अधिकारियों ने बताया कि माना जा रहा है कि तीनों आतंकवादी उस समूह से हैं, जिसका 23 मार्च को अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास नर्सरी इलाके में सुरक्षा बलों के साथ पहली बार आमना-सामना हुआ था। सभी आतंकवादी भागने में सफल रहे थे।
चार दिन बाद, सुरक्षा बलों ने कठुआ के सान्याल बेल्ट के एक वन क्षेत्र में उनसे मुठभेड़ की, जिसमें दो आतंकवादी मारे गए और बाकी भागने में सफल रहे। इस गोलीबारी के दौरान चार पुलिसकर्मी भी मारे गए और तीन अन्य घायल हो गए। जंगल में छिपे आतंकवादियों के अपने ठिकाने बदलने के बाद, सुरक्षा बलों ने उन्हें पकड़ने के लिए एक बहु-एजेंसी अभियान शुरू किया है। सोमवार की सुबह हवाई निगरानी और खोजी कुत्तों की तैनाती के साथ तलाशी अभियान तेज कर दिया गया, जो रात में एक नई मुठभेड़ में परिणत हुआ। सूत्रों ने सोमवार देर रात बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि जंगलों में छिपे तीन आतंकवादी भाग न सकें, रात भर घेराबंदी की गई।
पुलिस डीआईजी शिव कुमार शर्मा ने कहा कि सेना हमारे साथ है और सभी लोग एक टीम के रूप में मिलकर तलाशी अभियान चला रहे हैं। हमारे पास अंतरराष्ट्रीय सीमा है और लोग बहुत सतर्क हैं और हमें जानकारी देते हैं, जिस पर हम कार्रवाई करते हैं। इसके अलावा डीआईजी शर्मा ने कहा कि बल दुखी जरूर हैं क्योंकि उन्होंने कठुआ मुठभेड़ में अपने चार जवान खो दिए हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जवानों की ट्रेनिंग बहुत अच्छी है और उनका मनोबल वाकई बहुत ऊंचा है। अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा है तथा संभावित खतरों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान जारी है। इससे पहले कठुआ क्षेत्र में आतंकवाद निरोधी अभियान सफियां के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस के चार जवान शहीद हो गए, जबकि दो आतंकवादी भी मारे गए।