प्रधानमंत्री मोदी से मिलने को आतुर यूनुस

बांग्लादेश सरकार ने विदेश मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव

प्रधानमंत्री मोदी से मिलने को आतुर यूनुस

बिम्सटेक समिट के दौरान मुलाकात का आग्रह

नई दिल्ली, 23 मार्च (एजेंसियां)। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के अंतरिम मुखिया मुहम्मद यूनुस भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के लिए आतुर हैं। यूनुस के अफसरों ने पहले तो दिल्ली में अलग से मुलाकात करने का प्रस्ताव देकर समय मांगा था, लेकिन भारत सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। अब बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के बीच में ही मुहम्मद यूनुस प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करना चाह रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर कहा कि इस पर भारत सरकार विचार कर रही है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में यह जानकारी दी।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर जताई गई सांसदों की जिज्ञासा पर विदेश मंत्री जयशंकर ने सदस्यों को बताया कि ढाका की अंतरिम सरकार ने कहा है कि हिंदुओं पर हमले राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित थेन कि अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर किए गए। जयशंकर ने बांग्लादेशमालदीवम्यांमार और श्रीलंका के साथ संबंधों पर भी अपडेट दियाजबकि पाकिस्तान और चीन पर चर्चा अगली बैठक के लिए टाल दी। विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के रुख के कारण सार्क निष्क्रिय हैइसलिए भारत बिम्सटेक को मजबूत करने पर काम कर रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि पीएम मोदी 2 से 4 अप्रैल को थाईलैंड में होने वाले बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं। साथ हीअगले महीने पीएम मोदी श्रीलंका दौरे पर भी जाएंगे।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने बताया कि बांग्लादेश ने भारत के साथ एक द्विपक्षीय बैठक आयोजित करने के लिए कूटनीतिक पहल की है। यह बैठक बिम्सटेक  शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच हो सकती है। इस बीचबांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद युनूस 28 मार्च को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात करने वाले हैं। फरवरी में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से ओमान में आयोजित इंडियन ओशन कॉन्फ्रेंस के दौरान बांग्लादेशी विदेश मामलों के सलाहकार हुसैन ने मुलाकात की थी। जयशंकर ने बताया कि इस बैठक में भारत-बांग्लादेश के द्विपक्षीय संबंधों और बिम्सटेक से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भी एक बयान जारी कर कहा कि इस बैठक में आपसी हितों और विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

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