अप्रैल के पहले सप्ताह में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का चुनाव संभव
बेंगलूरु/शुभ लाभ ब्यूरो| प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं| अप्रैल में भाजपा का सारथी कौन होगा? यह स्पष्ट हो जायेगा| भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद ही प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी|
राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव अप्रैल के पहले सप्ताह में होने की संभावना है| इसके बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद के लिए चुनाव या मुकाबला होने की संभावना है| प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का चुनाव आसानी से कराने के लिए जिला भाजपा अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है| पहले चरण में २३ जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई तथा दूसरे चरण में ८ जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई| दावणगेरे, चित्रदुर्ग, तुमकुरु, मैसूरु ग्रामीण, हासन, उडुपी और कोडागु भाजपा संगठनात्मक जिलों के अध्यक्षों की नियुक्ति लंबित है|
लंबित जिला अध्यक्षों की नियुक्तियां भी इस माह के अंत तक कर दी जाएंगी| पार्टी का नियम है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का चुनाव होने से पहले कम से कम ५० प्रतिशत जिला अध्यक्षों की नियुक्ति होनी चाहिए| राज्य के ७५ प्रतिशत जिलों में अध्यक्षों की नियुक्ति पूरी हो चुकी है| इसलिए पार्टी में प्रदेश अध्यक्ष पद का चुनाव कराने में कोई बाधा नहीं है| वर्तमान अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र भाजपा अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार हैं| वह पहले ही आलाकमान के नेताओं से मिल चुके हैं और पद पर बने रहने के लिए उनका आशीर्वाद मांग चुके हैं| यहां तक कि अगर भाजपा हाईकमान अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराए तो वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं| वे जीत के लिए आवश्यक रणनीति भी बना रहे हैं| पार्टी के वरिष्ठ नेता बसनगौड़ा पाटिल यतनाल पार्टी में सक्रिय हैं और उन्होंने विजयेंद्र को भाजपा अध्यक्ष पद पर बने रहने से रोकने के लिए अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है| विजयेंद्र में बदलाव की मांग कर रहे यतनाल गुट ने हाईकमान से चुनाव के जरिए अध्यक्ष का चयन करने का आग्रह किया है|
यतनाल पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि उनका गुट निश्चित रूप से विजयेंद्र के खिलाफ चुनाव लड़ेगा| पार्टी हाईकमान जिस समुदाय के व्यक्ति को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनाने का फैसला करेगा, उसके अनुसार यतनाल गुट चुनाव लड़ने की रणनीति तैयार करेगा| लिंगायत समुदाय से बसनगौड़ा यतनाल, पिछड़ा वर्ग से पूर्व मंत्री कुमार बंगारप्पा और एससी-एसपी समुदाय से पूर्व मंत्री अरविंद लिंबावली ने चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है|
इस घटनाक्रम के बीच, पूर्व सीएम बसवराज बोम्मई, केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना, मुरुगेश निरानी, शोभा करंदलाजे, पूर्व मंत्री डॉ. अश्वथ नारायण और सीटी रवि के बारे में कहा जा रहा है कि यदि आलाकमान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का पद चाहता है तो वे चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं| बताया जा रहा है कि भाजपा आलाकमान ने प्रमुख नेताओं से चर्चा कर जानकारी जुटाई है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किसे बनाया जाए| यह समझा जा रहा है कि विजयेंद्र को कुछ शर्तों के साथ एक और मौका दिए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता, जो कि उनकी अपनी गणना पर आधारित है|