चीन के चार उत्पादों पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लागू
भारत के घरेलू उद्योगों को बचाने की पहल
चीन के सस्ते सामान की आमद पर लगेगी रोक
नई दिल्ली, 23 मार्च (एजेंसियां)। भारत ने चार चीनी उत्पादों पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। जिन उत्पादों पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाई गई है, उनमें एल्युमिनियम फॉइल, वैक्यूम फ्लास्क, सॉफ्ट फेराइट कोर्स और ट्राइक्लोरो आइसोसिनोरिक एसिड शामिल हैं। घरेलू उत्पादकों की मदद और भारतीय बाजार में चीन के सस्ता सामान खपाने पर रोक लगाने के लिए यह फैसला लिया गया है।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स, राजस्व विभाग ने एक नोटिफिकेशन जारी कर चीन के उत्पादों पर एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाने की जानकारी दी। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि वैक्यूम फ्लास्क, सॉफ्ट फेराइट कोर्स और ट्राइक्लोरो आइसोसिनोरिक एसिड के आयात पर एंटी डंपिंग ड्यूटी पांच साल के लिए लागू रहेगी। वहीं एल्युमीनियम फॉइल पर फिलहाल छह महीने के लिए एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाई गई है। फॉइल पर प्रति टन 873 अमेरिकी डॉलर की एंटी डंपिंग ड्यूटी लगाई गई है।
ट्राइक्लोरो आइसोसिनोरिक एसिड पर प्रति टन 276 डॉलर से लेकर 986 डॉलर के बीच में शुल्क लगाया गया है। इसका इस्तेमाल वाटर ट्रीटमेंट में होता है। सॉफ्ट फेराइट कोर्स पर 35 फीसदी शुल्क लगाया गया है। इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों, चार्जर और टेलीकॉम डिवाइस में होता है। वैक्यूम इंसुलेटिड फ्लास्क पर प्रति टन 1732 डॉलर का शुल्क लगाया गया है। वाणिज्य मंत्रालय के डीजीटीआर विभाग ने भी इन उत्पादों पर शुल्क लगाने का सुझाव दिया था। चीन से सस्ते उत्पादों के आयात से घरेलू उद्योगों को नुकसान हो रहा था। ऐसी स्थिति में घरेलू उद्योगों को बचाने के लिए ही विदेशों से आने वाले सस्ते उत्पादों पर एंटी डंपिंग शुल्क लगाया जाता है। यह विश्व व्यापार संगठन की व्यवस्था के तहत ही है।