वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कांग्रेस सांसद
नई दिल्ली, 4 अप्रैल,(एजेंसी)। लोकसभा और राज्यसभा से पास हुए वक्फ संशोधन बिल को देश की सबसे बड़ी अदालत में चुनौती दी गई है. AIMIM के अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुके हैं. औवेसी ने देश की सर्वोच्च अदालत में इस संशोधन बिल के खिलाफ याचिका दायर की है। ओवैसी से पहले बिहार के कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। ऐसे में अभी तक वक्फ बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दो याचिका दाखिल कर दी गई है।
राज्यसभा से गुरुवार को बिल पास होने के बाद कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा था कि कांग्रेस हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। तमिलनाडु की DMK ने भी याचिका लगाने की बात कही थी। अब कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने वक्फ बिल के खिलाफ पहली याचिका पेश की है। कांग्रेस सांसद ने बिल को मुस्लिम समुदाय के प्रति भेदभावपूर्ण बताया।
वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ बिहार के किशनगंज के कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने याचिका दाखिल की है। उन्होंने याचिका में कानून को मुस्लिम समुदाय के प्रति भेदभावपूर्ण और उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने वाला बताया।
याचिका में यह भी कहा गया है कि वक्फ बोर्ड और केंद्रीय वक्फ परिषद की संरचना में संशोधन कर उसमें वक्फ प्रशासनिक निकायों में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करना अनिवार्य किया गया है. ये करना धार्मिक शासन में अनुचित हस्तक्षेप है. इसके विपरीत, हिंदू धार्मिक न्यास विभिन्न राज्य अधिनियमों के तहत विशेष रूप से हिंदुओं द्वारा प्रबंधित किए जाते हैं।
जावेद ने अर्जी में कहा है कि यह चयनात्मक हस्तक्षेप, बिना अन्य धार्मिक संस्थानों पर समान शर्तें लगाए बिना किया गया है. लिहाजा ये एकतरफा और मनमाना वर्गीकरण है. ये अनुच्छेद 14 और 15 का सीधा सीधा उल्लंघन है।
कांग्रेस सांसद ने याचिका में क्या दी दलील
याचिका में दलील दी गई है कि यह कानून संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), 25 (धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता), 26 (धार्मिक मामलों के प्रबंधन की स्वतंत्रता), 29 (अल्पसंख्यक अधिकार) और 300 ए (संपत्ति का अधिकार) का उल्लंघन करता है।
इससे पहले शुक्रवार को कांग्रेस ने कहा कि वह संसद से पारित ‘वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025' की संवैधानिकता को ‘‘बहुत जल्द'' उच्चतम न्यायालय में चुनौती देगी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘वक्फ संशोधन विधेयक के बारे में देश में ऐसा माहौल बना है कि अल्पसंख्यकों को परेशान करने के लिए यह विधेयक लाया गया है। लोकसभा में देर रात यह विधेयक पारित हुआ तो इसके पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़े. ऐसा क्यों हुआ? इसका मतलब है कि विधेयक में बहुत खामियां हैं। ''
उन्होंने कहा, ‘‘इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभिन्न दलों के विरोध के बाद भी मनमानी से यह विधेयक लाया गया। यह "जिसकी लाठी, उसकी भैंस"- किसी के लिए ठीक नहीं होगा। '