अमेरिकी सेना ने ISIS चीफ को कार समेत उड़ाया
इराक के साथ मिलकर एयरस्ट्राइक
मरते वक्त भी आत्मघाती जैकेट पहने था
वाशिंगटन, 15 मार्च। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार बनने के बाद लगातार एक्शन जारी है। ताबड़तोड़ फैसले लिए जाने के साथ ही अमेरिका वैश्विक स्तर पर अपना दबदबा बनाए रखने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। अमेरिकी सेना ने ISIS लीडर अबू खदीजा को एयरस्ट्राइक करके ढेर कर दिया है। 13 मार्च को अमेरिकी सेना ने इराक के अल-अनबर इलाके में खदीजा की गाड़ी को उड़ा दिया।
इस ऑपरेशन में खदीजा के साथ एक और आतंकी मारा गया। अमेरिकी सेना ने इराकी सेना के साथ जॉइंट ऑपरेशन में ये एयरस्ट्राइक की। स्ट्राइक के बाद दोनों सेनाओं ने हमले की जगह पर पहुंचकर दोनों आतंकियों के शव बरामद किए। दोनों आतंकी आत्मघाती जैकेट पहने हुए थे, जिनमें विस्फोट नहीं हो पाया था। उनके पास से कई हथियार भी मिले।
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड फोर्स ने बताया कि उन्होंने DNA की जांच करके अबू खदीजा के शव की पहचान की है। ये DNA पहले की गई एक रेड से इकट्ठा किया था, जिसमें अबू खदीजा बच निकला था।
कौन था अबू खदीजा?
अबदल्ला मक्की मुस्लिह अल-रिफई उर्फ अबू खदीजा का जन्म 1991 में हुआ था। 2009 में अल कायदा से जुड़कर वह आतंक के रास्ते पर चल पड़ा था। हालांकि दो साल बाद ही उसे पकड़ लिया गया और इराक की जेल में डाल दिया गया। फिर 2011 में वह जेल से भाग निकला।
2014 में सीरिया और इराक में इस्लामिक स्टेट (ISIS) उभर रहा था। खदीजा ISIS से जुड़ गया और संगठन के फैलने के साथ ही उसका कद बढ़ता गया। खदीजा के काम को देखते हुए उसे इराक और सीरिया में ISIS का चीफ बना दिया गया। हालांकि उसे चीफ कब बनाया गया, इसकी सही तारीख पता नहीं है।
चीफ बनने के बाद उसने इराक और सीरिया में ISIS का काफी विस्तार किया। उसे बाद में उप-खलीफा भी बनाया गया। 2019 में अबू बकर अल-बगदादी के मारे जाने के बाद वह ISIS का मुखिया बन गया। दुनियाभर में ISIS के ऑपरेशंस वही तय करता था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, वह पूरे ISIS ग्रुप में सबसे प्रभावशाली सदस्य था।
अबू खदीजा ISIS में फैसले लेने वाले सबसे बड़े समूह का खलीफा बन गया था। वह दुनियाभर में ISIS के ऑपरेशन, साजो-सामान और हमलों की प्लानिंग के लिए जिम्मेदार था। इसके अलावा ISIS के लिए फंडिंग जुटाने की जिम्मेदारी भी उसी की थी।
ट्रम्प बोले- ISIS के भगोड़े नेता को मार गिराया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अबू खदीजा की मौत पर कहा कि आज ISIS का भगोड़ा नेता मार डाला गया। हमारे बहादुर सैनिक उसे लगातार तलाशते रहे और आखिरकार उसकी जिंदगी का अंत कर दिया। उसके साथ ISIS का एक और सदस्य भी इस एयरस्ट्राइक में मारा गया है।
निडर योद्धाओं ने बेखौफ होकर उसे खोजा और समाप्त कर दिया। उसका दुखद जीवन समाप्त कर दिया गया, साथ ही आईएसआईएस के एक और सदस्य को भी, यह कार्रवाई इराकी सरकार और कुर्दिश क्षेत्रीय सरकार के सहयोग से की गई।
इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल सुदानी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, 'अबू खदीजा इराक और दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकवादियों में से एक था। हमारी सेना ने उसका काम तमाम कर दिया है।'
इराक में तैनात हैं 2,500 अमेरिकी सैनिक
इराक और अमेरिकी सेनाएं पिछले कई साल से मिलकर ISIS के खिलाफ ऑपरेशन चला रही हैं। इनके चलते ISIS को 2017 में इराक में और 2019 में सीरिया में काफी हद तक खत्म कर दिया गया। फिर भी इस संगठन के लड़ाके अब भी दोनों देशों के दूरदराज के इलाकों में सक्रिय हैं।
इराक में अब भी लगभग 2,500 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं ताकि वे आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन में मदद कर सकें और इराकी सैनिकों को ट्रेनिंग दे सकें।
सितंबर 2024 में ISIS के 37 आतंकी मारे गए थे
पिछले साल सितंबर में अमेरिका ने सीरिया में ISIS और अल कायदा से जुड़े आतंकी ग्रुप्स के ठिकानों पर हमला किया था। इसमें 37 आतंकी मारे गए। अमेरिकी सेना ने बताया था कि उन्होंने सीरिया में दो अलग-अलग दिन ऑपरेशन को अंजाम दिया।
US सेंट्रल कमांड के मुताबिक 16 सितंबर को मध्य सीरिया में ISIS के ट्रेनिंग सेंटर पर एयरस्ट्राइक की गई थी। इसमें 28 आतंकी मारे गए। इसके बाद 24 सितंबर को उत्तरी-पश्चिमी सीरिया में हमला किया गया जिसमें अल कायदा के 9 आतंकी मारे गए।
अमेरिकी सेना के मुताबिक हमले में अल कायदा संगठन से जुड़ा हुर्रस अल-दीन का टॉप कमांडर ‘अब्द-अल-रऊफ’ मारा गया। वह सीरिया में मिलिट्री ऑपरेशन्स की देखरेख करता था।